परमाणु की संरचना

1. कैथोड किरणों की खोज (इलेक्ट्रान की खोज)-: जूलियस प्लेकर ने जब निम्न दाब की घात 3 मीटर तथा उच्च विभांतर (10000 वोल्ट) पर दो इलेक्ट्रॉनों के मध्य बिंदु विसर्जन की क्रिया कराई तो इलेक्ट्रोड के पीछे कांच की छड़ कांच की दीवार पर हरे रंग की चमक उत्पन्न हुई यह चमक जिंद्रे दृश्य है द्रव्य किरणों के कारण उत्पन्न हुई उन्हें ही कैथोड किरणें कहते हैं।
सर जे जे थॉमसन ने कैथोड किरणों की प्रकृति का अध्ययन कर बताया कि यह किरणें अति सूक्ष्म ऋण आवेशित कणों से मिलकर बनी होती हैं।
2. कैथोड किरणों की विशेषताएं-:
1. कैथोड किरणें सदैव सीधी रेखा में चलती हैं। यह अपने मार्ग में रखिए अपार दर्शक वस्तु की छाया उत्पन्न करती हैं।
2. कैथोड किरणें अति सूक्ष्म कणों से मिलकर बनी होती हैं।
3. कैथोड किरणें गैसों का आयनन करती हैं।
4. कैथोड किरणें प्रतिदीप्ति तथा ताप दीप्ति का गुण प्रदर्शित करते हैं।
3. परमाणु क्रमांक-: किसी परमाणु के नाभिक में उपस्थित वोटरों की संख्या को उस परवाणू का परमाणु क्रमांक कहते हैं इसमें इलेक्ट्रॉन तथा प्रोटॉन ओं की संख्या समान होती है।
Z = p = e
4. परमाणु मॉडल-: किसी परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या करने के लिए जैन मॉडल का उपयोग किया जाता है उन्हें परमाणु मॉडल कहते हैं।
5. रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (परमाणु का नाभिकीय मॉडल)-:
1. परमाणु दो भागो से मिलकर बना होता है।
१. धनावेशित नाभिक।
२. नाभिक के चारो और का खोखला क्षेत्र।
2. परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभि के चारो और विभिन्न ब्रत्य कक्षाओं में लगातार घूमते रहते हैं।
3. जिस प्रकार सौरमंडल के केंद्र में सूर्य रहता है तथा विभिन्न गिरा उसके चारों ओर चक्कर लगाते रहते हैं इसी प्रकार परमाणु के केंद्र में नाभिक होता है तथा इलेक्ट्रॉन इसके चारों ओर घूमते रहते हैं इस आधार पर इसे परमाणु का सौर मॉडल भी कहते हैं।
6. रदरफोर्ड मॉडल के दोष-: रदरफोर्ड मॉडल के दोष निम्नलिखित हैं।
1. यह मॉडल परमाणु के स्थायित्व की व्याख्या नहीं करता है।
2. यह मॉडल परमाणु के स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं करता है।
7. तरंग संख्या-: एकांत लंबाई में उपस्थित तरंगों की संख्या को तरंग संख्या कहते हैं। इसे न्यूबार से प्रदर्शित करते हैं।
8. प्लांक का क्वांटम सिद्धांत-: प्लांक के अनुसार “वितरण उत्सर्जित करने वाली ऊर्जा के छोटे-छोटे पैकीटो के रूप में करती है” ऊर्जा के प्रति एक पैकेट को क्वांटा कहते हैं प्रत्येक क्वांटा इसके द्वारा उत्सर्जित या अवशोषित वितरण की प्रवृत्ति के समानुपाती होती है।
9. नील बोर का परमाणु मॉडल-: नील बोर ने प्लांक का क्वांटम सिद्धांत के आधार पर एक मॉडल प्रस्तुत किया यह इस प्रकार है।
1. परमाणु में इलेक्ट्रॉन नाभि के चारो और निश्चित ऊर्जा वाली प्रतियां कक्षाओं में ऊर्जा का बिना उत्सर्जन कीए
घूमते रहते हैं इन कक्षाओं को स्थाई कोश कहते हैं।
2. प्रत्येक स्थाई कक्षा की ऊर्जा निश्चित होती है।
3. परमाणु में यदि इलेक्ट्रॉन नीचे की कक्षा से ऊपर की कक्षा में जाता है तो यह ऊर्जा का अवशोषण करता है। यदि ऊपर की कक्षा से नीचे की कक्षा में जाता है तो ऊर्जा का उत्सर्जन करेगा।
10. नील वोर परमाणु मॉडल के दोष-:
1. यह मॉडल ऐसे परमाणु या स्पेक्ट्रम की व्याख्या नहीं करता है जिसमें केवल एक इलेक्ट्रॉन होता है जैसे-: हाइड्रोजन हीलियम आदि।
2. यह मॉडल स्ट्राक प्रभाव तथा जैमन प्रभाव की व्याख्या नहीं करता है।
11. तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास-: तत्वों का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास बोर बरी के अनुसार बनाया जाता है इस नियम के अनुसार किसी कोष में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या 2n2 हो सकती है। जहां n कक्षा की प्रथम संख्या है।
12. डी ब्रोग्ली की संकल्पना (इलेक्ट्रॉन की तरंग आवृत्ति)-: किसी गतिमान सूक्ष्म कण जैसे इलेक्ट्रॉन, न्यूट्रॉन, प्रोटॉन तरंग के गुण प्रदर्शित करते हैं तरंग के रूप में इनकी तरंग द्बध्य इनके संकेत के अनुक्रमानुपाती होती है।
यह डी ब्रोग्ली की तरंग समीकरण भी है।
13. इलेक्ट्रॉन की दोहरी या द्धैती प्रकृति-: किसी नाभिक में घूमता हुआ इलेक्ट्रान करण के साथ-साथ तरंग के गुण भी प्रकट करता है इसे इलेक्ट्रॉन की दोहरी प्रकृति कहते हैं।
14. हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता का सिद्धांत-: इस नियम के अनुसार “किसी गतिशील अति सूक्ष्म कण की स्थिति तथा संवेग दोनों का एक साथ यथार्थता निर्धारण असंभव है”।
15. आफवा या आफवाऊ का नियम-: इस नियम के अनुसार “विभिन्न उपकोशो में इलेक्ट्रॉन का भराव उनकी ऊर्जा के बढ़ते क्रम में होता है” ।
16. हुंड का नियम-: इस नियमानुसार”किसी उपकोष के कक्षाओं को में इलेक्ट्रॉन के जोड़े बनना तब तक प्रारंभ नहीं होता है जब तक उस उपकोष के प्रतिएक जोडे में एक एक इलेक्ट्रॉन न पहुंच जाए।”
17. पाउली का अपवर्जन नियम-: इस नियम के अनुसार” एक ही परमाणु में किन्ही दो इलेक्ट्रान के लिए चारो क्वांटम संख्याओं के मान एक समान नहीं हो सकते हैं।” उदाहरण-: हीलियम परमाणु के दो इलेक्ट्रान की चारो क्वांटम संख्याओं के मान एक समान नहीं है।

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