मुजफ्फरनगर में प्लास्टिक कचरे से रोज बनेगा 150 लीटर पेट्रोल डीजल।

मुजफ्फरनगर में प्लास्टिक कचरे से पेट्रोल डीजल बनना शुरू हो गया है। इसका सबसे पहला प्लांट बिहार में लगाया गया है जहा प्लास्टिक कचरा से पेट्रोल डीजल बनेगा। कूढनी प्रखंड के खरौना डीह गांव में प्लांट लगाया गया है। प्लांट का उद्घाटन मंत्री राम सूरत राय ने किया। उन्होंने कहा यह योजना हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सपने को साकार कर रही है। केंद्र सरकार की यह योजना PMEG के तहत बैंक से 25 लाख रुपए लोन लेकर इसकी शुरुआत की गई है। संचालक आशुतोष मंगलम ने बताया कि जब वह केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते थे तो उसी समय पूर्व राष्ट्रपति एवं हमारे देश के महान वैज्ञानिक डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को यह कहते हुए सुना था कि प्लास्टिक एक कीमती तत्व है यदि इसका इस्तेमाल भविष्य में सही तरीके से किया जाए तो यह मनुष्य के लिए लाभकारी हो सकता है। तभी से इन्होंने मन में ठान लिया था कि प्लास्टिक से पेट्रोल डीजल का निर्माण करेंगे।

₹6 प्रति किलोग्राम नगर निगम से खरीदेंगे प्लास्टिक कचरा

संचालक ने बताया कि नगर निगम से ₹6 प्रति किलोग्राम के हिसाब से प्लास्टिक कचरा को खरीदा जाएगा। प्रतिदिन 2 क्विंटल कचरा खरीदा जाएगा जिससे रोज 130 लीटर डीजल तथा 120 लीटर पेट्रोल का निर्माण होगा। निर्माण के बाद इसकी बिक्री 65 से 70 रुपए प्रति लीटर की जाएगी।

इस तरह बनेगा पेट्रोल और डीजल

सबसे पहले प्लास्टिक कचरे को ब्यूटेन में परिवर्तित किया जाएगा। प्रोसेस पूरा होने के बाद ब्यूटेन को आइसोऑक्टेन में बदला जाएगा। इसके बाद अलग-अलग दाब और तापमान में आइसोऑक्टेन को पेट्रोल और डीजल में बदला जाएगा। 400 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर डीजल तथा 800 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर पेट्रोल का उत्पादन होगा। इस प्रक्रिया में लगभग 7 से 8 घंटे का समय लगता है। सारे प्रोसेस पूरा होने के बाद हमें शुद्ध पेट्रोल और डीजल प्राप्त होगा।

देहरादून में हुआ सफल ट्रायल

आशुतोष ने बताया कि इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ पेट्रोलियम की ओर से इसका सफल परीक्षण किया जा चुका है। पेट्रोल और डीजल में अधिक ऑक्टेन होने के कारण वाहनों की माइलेज अधिक होगी।

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